Добавить новость
World News in Pashto

Новости сегодня на DirectAdvert

Новости сегодня от Adwile

جبري راستنېدل او د بقا لپاره مبارزه؛ له ایرانه راستون شوی بازمحمد د ډوډۍ او سرپناه په لټه دی

له ګاونډیو هیوادونو له راستنیدو وروسته د یو شمیر افغانانو لپاره ژوند د ډوډۍ او سرپناه موندلو لپاره ورځنۍ هڅه ده.

۵۴ کلن باز محمد له ایرانه تر ایستلو وروسته هره ورځ د خپلې کورنۍ د لومړنیو اړتیاوو د پوره کولو لپاره مبارزه کوي، خو ډیری وختونه خالي لاس بېرته کور ته ستنېږي.

"موږ په جبري ډول راویستل شوو، اسناد مو نه درلودل، له پولې راواړول شوو، خو پرې یې نه ښودو چې څه له ځان سره راوړو."

۵۴ کلن باز محمد په ایران کې له اوو کلونو زیات ژوند او د خښتو په بټیو کې له کار کولو وروسته، روان لمریز کال افغانستان ته ستون شوی دی.

دی او کورنۍ یې د جوزجان ولایت په شبرغان ښار کې یوې داسې خونه کې اوسېږي چې چټ یې سوری دی او تودولو ته هم هیڅ نه لري، وايي د دې خونې د میاشتې ۱۲۰۰ افغانۍ کرایه ورکوي.

"دلته دوی د یوې خونې ۱۲۰۰ افغانۍ کرایه اخلي چې نه دروازه لري نه چت، له چته اوبه را څاڅي چې موږ ورته تار تړو لاندې ترې یو تشت ږدو چې اوبه پکې وڅاڅي، بخارۍ، هېڅ هم نه لرو."

د باز محمد کیسه د سلګونو زرو راستنیدونکو افغان کډوالو د بدمرغۍ یوه بیلګه ده.

د ملګرو ملتونو د کډوالو عالي کمیشنرۍ (یو، ان، اچ، سي، ار) د ۲۰۲۵ کال په وروستیو ورځو کې وویل چې یوازې تیر کال له ۱.۸ ملیونه ډیر افغانان له ایرانه افغانستان ته ستانه شوي دي.

باز محمد هره ورځ له خپل کور تر بازاره دوه ساعته پلی مزل کوي چې که کوم کار ومومي او خپلې کورنۍ ته نفقه برابره کړي، خو په خبره یې ډیری وخت بېرته خالي لاس کورته ستنیږي:

" اوه بجې پلی حرکت وکړم، شاوخوا نهه بجې چوک ته رسېږم او هلته کېنم، کېنم، هېڅ کار او بار نه وي، معمولاً په یوه بجه د کور په لور بېرته پلی روانېږم، څوک نشته چې ما ته کار راکړي ترڅو سل افغانۍ وګټم او د شپې خپلو ماشومانو ته یو څه راوړم."

یوازې باز محمد په دې وضعیت کې نه دی؛ د سره صلیب نړیوالې کمېټې (ای، سي، ار سي) شاوخوا یوه میاشت وړاندې وویل چې له ایران او پاکستانه د کډوالو پراخه ستنېدنه په افغانستان کې په نازکو ټولنو فشار زیاتوي او بشري ناورین لا ژوروي.

باز محمد وايي کله چې کور ته ستنېږي، د خپلو څلورو ماشومانو له خوا چې عمرونه یې له اوو کلونو کم دي، له بېلابېلو پوښتنو سره مخ کیږي:

"وايي پلاره څه دې راوړي؟ مڼې دې راوړې؟ انار دې راوړي؟ زه وایم، هیڅ نه وو چې زه یې راوړم، بیا دوی چیغې وهي او پوښتنه کوي، ولې دې هیڅ نه دي راوړي؟ زه وایم، نه وو، چې نه وي، له کومه یې راوړم؟ بیا خپله هم په ژړا شم، چې څه وکړم، هیڅ چاره نه لرم."

دی وایي چې ورته څه ونه لري، اړ دی چې پلمې وکړي:

"بیا کله چې دوی لانجه کوي، ښایي دروغ هم وي، خو زه دوی ته وایم چې زه به لاړ شم او له ګاونډیانو به د خوړلو لپاره یو څه وغواړم، یا به له دوکانونو څخه یو څه واخلم، یا به کار وکړم او یو کیلو میوه به راوړم، بیا بهر وځم او تش لاس بیرته راځم او وایم چې دوکان تړل شوی و او ګاونډیان هم نه وو."

ډیری وخت باز محمد ته ګاونډیان خواړه راوړي، چې معمولا څو وچې ډوډۍ وي او کله چې پاخه خواړه ترلاسه کوي، په خبره یې د ماشومانو ترمنځ یې پرې شور رامنځته کیږي، دی او میرمن یې بیا صبر کوي چې لومړی یې ماشومان ماړه شي.

"که چیرې کله کوم ګاونډی یو غوری وریجې راکړي، هر یو یې ځانته کش کوي او وایي چې ماته یې راکړه، بیا پرې لانجه کوي، موږ دوی پرېږدو چې ویې خوري او ماړه شي، بیا که څه پاتې شي زه او مور یې خورو."

دی وايي چې څلور ماشومان یې ډنګر او ناروغه دي، خو دا چې کلینیک ترې لرې دی او د لارې کرایه نه لري، نه دی توانېدلی چې روغتیایی مرکز ته یې بوځي او د خوارځواکۍ معاینه یې وکړي.

دا په داسې حال کې ده چې د خوړو نړیوال پروګرام ( ډبلیو، اف، پي) نږدې ۲۰ ورځې مخکې په افغانستان کې د خوارځواکۍ د زیاتوالي په اړه خبرداری ورکړ، او ویې ویل چې په افغانستان کې ۳،۷ میلیون ماشومان او ۱،۲ میلیونه میرمنې شدیدې خوارځواکۍ سره مخ دي.

په داسې شرایطو کې باز محمد ټینګار کوي چې ژوندي پاتې کېدو لپاره د دوی لومړۍ او بیړنۍ اړتیا مرسته ترلاسه کول دي.

"یوه موسسه یا دولت دې مرسته وکړي، یا هر هغه څوک چې توان یې لري، لومړی دې موږ سره د خوړو او بیا د سرپناه مرسته وکړي، ترڅو موږ له دې بدبختۍ وژغورل شو، ډوډۍ او سرپناه ولرو ترڅو خپل ماشومان له لاسه ورنکړو."

دی دا هم غواړي چې کار وکړي او خپله کورنۍ وساتي:

"یوې فابریکې یا کوم ځای کې دې مونږ ته کار راکړي، زه شرمیږم چې زه نه له پښو پاتې یم، نه مې لاس مات دی او نه سر، دا سمه ده چې زه ۵۴ کلن یم، خو که کار وي، زه کار کوم، خو هیڅ کار نشته."

باز محمد هیله لري چې ماشومان یې زده کړې وکړي او ښه ژوند ولري:

"زه خپلو ماشومانو لپاره همدا هیله لرم چې دلته ارامي وي، یو کار پیدا شي ترڅو زموږ ماشومان زده کړه وکړي، ډاکټران یا ښوونکي شي، او ژوند یې ښه شي."

Читайте на сайте


Smi24.net — ежеминутные новости с ежедневным архивом. Только у нас — все главные новости дня без политической цензуры. Абсолютно все точки зрения, трезвая аналитика, цивилизованные споры и обсуждения без взаимных обвинений и оскорблений. Помните, что не у всех точка зрения совпадает с Вашей. Уважайте мнение других, даже если Вы отстаиваете свой взгляд и свою позицию. Мы не навязываем Вам своё видение, мы даём Вам срез событий дня без цензуры и без купюр. Новости, какие они есть —онлайн с поминутным архивом по всем городам и регионам России, Украины, Белоруссии и Абхазии. Smi24.net — живые новости в живом эфире! Быстрый поиск от Smi24.net — это не только возможность первым узнать, но и преимущество сообщить срочные новости мгновенно на любом языке мира и быть услышанным тут же. В любую минуту Вы можете добавить свою новость - здесь.




Новости от наших партнёров в Вашем городе

Ria.city
Музыкальные новости
Новости России
Экология в России и мире
Спорт в России и мире
Moscow.media









103news.com — быстрее, чем Я..., самые свежие и актуальные новости Вашего города — каждый день, каждый час с ежеминутным обновлением! Мгновенная публикация на языке оригинала, без модерации и без купюр в разделе Пользователи сайта 103news.com.

Как добавить свои новости в наши трансляции? Очень просто. Достаточно отправить заявку на наш электронный адрес mail@29ru.net с указанием адреса Вашей ленты новостей в формате RSS или подать заявку на включение Вашего сайта в наш каталог через форму. После модерации заявки в течении 24 часов Ваша лента новостей начнёт транслироваться в разделе Вашего города. Все новости в нашей ленте новостей отсортированы поминутно по времени публикации, которое указано напротив каждой новости справа также как и прямая ссылка на источник информации. Если у Вас есть интересные фото Вашего города или других населённых пунктов Вашего региона мы также готовы опубликовать их в разделе Вашего города в нашем каталоге региональных сайтов, который на сегодняшний день является самым большим региональным ресурсом, охватывающим все города не только России и Украины, но ещё и Белоруссии и Абхазии. Прислать фото можно здесь. Оперативно разместить свою новость в Вашем городе можно самостоятельно через форму.

Другие популярные новости дня сегодня


Новости 24/7 Все города России



Топ 10 новостей последнего часа



Rss.plus


Новости России







Rss.plus
Moscow.media


103news.comмеждународная интерактивная информационная сеть (ежеминутные новости с ежедневным интелектуальным архивом). Только у нас — все главные новости дня без политической цензуры. "103 Новости" — абсолютно все точки зрения, трезвая аналитика, цивилизованные споры и обсуждения без взаимных обвинений и оскорблений. Помните, что не у всех точка зрения совпадает с Вашей. Уважайте мнение других, даже если Вы отстаиваете свой взгляд и свою позицию.

Мы не навязываем Вам своё видение, мы даём Вам объективный срез событий дня без цензуры и без купюр. Новости, какие они есть — онлайн (с поминутным архивом по всем городам и регионам России, Украины, Белоруссии и Абхазии).

103news.com — живые новости в прямом эфире!

В любую минуту Вы можете добавить свою новость мгновенно — здесь.

Музыкальные новости




Спорт в России и мире



Новости Крыма на Sevpoisk.ru




Частные объявления в Вашем городе, в Вашем регионе и в России